Wednesday, May 9

बेटी गरीब की

मेरे हाथो मै एक दिन हल्दी लगी थी,
मेरे माथे भी सिन्दूर सजा था,
मै भी सपने ले आँखों मै बेठी थी,
पर बन कर कजरा प्यार बह गया
हर एक नजर, ताने थी देती
क्यूकी मै थी बेटी एक गरीब की

उम्मीद

एक अहसास था मै चलती रही,
वो दूर था मै चलती रही
अब पा लिया ह जो उसको
तो ओर कुछ पाने की
उम्मीद बाकी ना रही
हम तकते रहे, उसकी राहों को
खाली सी अपनी निगाहो से
मगर फीर भी, मिल ना सके
उम्मीद अब बेजान हो चली
ये जिन्दगी तुमरे नाम हो चली

Tuesday, May 8

मंजिल की थकान

वो थकी सी थी, हाथ चलने को मन कर रहे थे
पर आँखों मे एक अनोखी चमक थी
वो जिस मंजिल को पाने के लिए , वो दीन रात दोडा करती थी
आज मंजिल वो उसकी उसके सामने थी,
इसलिये इस थकान मै भी, सुंकुं था
आँखों मै जो तृष्णा थी, वो समाप्त हो गाई थी
ओर वो अब थक कर चूर हो गाई थी
पर फिर भी अहसास था ख़ुशी का दिल मै
की मंजिल थी अब उसकी , उसके सामने....

Monday, May 7

tofan se pehle

har tofan ke ane se pehle, kali raat kyu ati ha
hame nahi thakna ha ye hi batlati ha
or khti ha hame, a rahi tume chalte rehna ha
nahi to jiwan bekar or bemani ha...

चित्चोर

दोस्त पाने को तर्स्स्ती रही मै उमर भर
छानी दुनिया , दूंडी नगरी, घूमी मै दर बदर
पर वो चित्चोर छुपा बैठा था, मन के ही एक कोने मे
मै झूमी, नाची , गाई , उसे दिल के कोने मै खोज कर...

एक स्वपन

आकाश के सतरंगी इन्देर्धनुष मै खोजू मै प्रीये तुमको,
हर आवारा बदल ओर मदमस्त के संग छू लू मै प्रीये तुमको,
ये प्यास प्यारे से पपीहे की कोई, ओर ना पाये बुझा,
ओर कोई गाये आज इस रुत मै माल्हार, पर उस मल्हार के तरंगो मे
साज़ मै ओर हवा की सएँ सएँ मै,सुन लूं आज मै तुमको...